उपचुनाव ने अतीक अहमद को दी संजीवनी, पढ़िए क्यों हार कर भी जीत गए पूर्व सांसद

इलाहाबाद। फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में निर्दल प्रत्याशी रहे पूर्व सांसद अतीक अहमद भले ही चुनाव हार गए लेकिन इस चुनाव…

इलाहाबाद। फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में निर्दल प्रत्याशी रहे पूर्व सांसद अतीक अहमद भले ही चुनाव हार गए लेकिन इस चुनाव ने उन्हें संजीवनी दी।
क्या-क्या लाभ हुए आइए देखते हैं!
बेटे उमर को क्षेत्र में दिलाई पहचान। राजनीति में अगली पीढ़ी ने रखा कदम।
विपरीत परिस्थितियों में अचानक मैदान में आकर भी लगभग 50 हजार वोट पाकर दिखा दी अपनी ताकत। राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस को पीछे छोड़ा।

काफी दिनों से जेल में रहने के कारण बिखर रहे समर्थकों को एकजुट होने का मिला मौका। चुनाव लड़ना भाजपा के लिए फायदेमंद था इसलिए शासन की ओर से भी नहीं हुई छेड़छाड़।

अब तक अतीक गैंग के सदस्य कहे जाने वाले उनके समर्थक चुनाव के दौरान बन गए निर्दल प्रत्याशी के कार्यकर्ता।

लगभग पचास हजार मत उन्हें ऐसे समय पर मिले जब किसी को उनके जीत की उम्मीद नहीं थी। यह उन लोगों के वोट हैं जो अतीक अहमद के धुर समर्थक ही होंगे। सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष की उपेक्षा झेल रहे अतीक अहमद को बड़ी संख्या में मिले इस समर्थन से मिलेगा हौसला।

कुछ दिनों पहले एक समाज विशेष के नेता जी का आडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह अपने सजातीय व्यक्ति को धमकाते सुने गए, सुधर जाओ नहीं तो तुम्हें” अतीक गैंग” का सदस्य बता कर जेल भिजवा दूंगा। ऐसे हालात में जब अतीक अहमद का समर्थक होना भी परेशानी का सबब हो।
उस समय खुलेआम लोगों ने अतीक अहमद के नारे लगाए और उनके बेटे के पीछे हजारों की संख्या में चलते दिखे।
इसलिए यह चुनाव कई तरह से पूर्व सांसद अतीक अहमद के लिए लाभप्रद साबित हुआ साथ ही आइंदा चुनाव में उनकी अहमियत भी बता गया।

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This post was last modified on March 16, 2018, 4:28 pm

साजिद खान

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