अयोध्या राम मंदिर को लेकर आयोजित धर्मसभा

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अयोध्या । बढती ठंड के बीच विष्व हिन्दू परिषद द्वारा राम मंदिर निर्माण को लेकर आयोजित धर्म सभा के चलते धार्मिक नगरी अयोध्या में राजनीतिक गर्मी बढ़ गयी है। किसी अनहोनी को रोकने के लिए अयोध्या को किले में तब्दील कर दिया गया है। भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गयी है। माना जा रहा है कि कल यानि रविवार को अयोध्या में दो से तीन लाख तक की भीड़ जमा होने की संभावना है। सरकार और शासन स्तर पर लखनऊ में कई दौर की बैठक हो चुकी है।
उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रवक्ता के मुताबिक, एक अपर पुलिस महानिदेशक, एक पुलिस उप महानिरीक्षक, तीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दस अपर पुलिस अधीक्षक, 21 पुलिस उपाधीक्षक, 160 इंस्पेक्टर, 700 कांस्टेबल, 42 कंपनी पीएसी, पांच कंपनी आरएएफ, एटीएस कमांडो और ड्रोन तैनात किये गये हैं। वहीं धर्म सभा के मददेनजर 13 जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था की गयी है। स्थानीय खुफिया इकाईयों को अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस ने अयोध्या को आठ जोन और 16 क्षेत्रों में बांट दिया। राज्य के मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय, मुख्य सचिव(गृह) अरविंद कुमार और पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह ने वीडियो-कांफ्रेंसिंग के जरिए राज्य की सुरक्षा स्थितियों का जायजा लिया। राज्य सरकार ने यहां पीएसी (प्राविंसियल आम्र्ड कांस्टेबुलरी) की संख्या 20 से बढ़ाकर 48 कर दी है। डीजीपी ने कहा, डरने की कोई बात नहीं है। हम सतर्क हैं और कानूव व व्यवस्था का पालन किया जाएगा। अयोध्या में भारी संख्या में लोगों की उपस्थिति को देखते हुए धारा 144 लागू कर दी गई है और भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
इस बीच शिवसेना को रैली करने की इजाजत सरकार ने नहीं दी गयी। जबकि अयोध्या में शिवसेना के कार्यकर्ता जय श्री राम का नारा लगाते हुए मुंबई, ठाणे, कल्याण और नासिक के साथ कई दूसरे शहरों से ट्रेन से पहुंच गए हैं। उधर, विश्व हिंदू परिषद ने भी सभी लोगों से अयोध्या पहुंचने की अपील की है। अयोध्या मुद्दा गरमाने के बाद यहां फिर से 1992 जैसे हालात बनते दिखने रहे हैं। उधर, विहिप के प्रांत संगठन मंत्री अवध प्रांत भोलेन्द ने कहा कि अयोध्या में कल 25 नवम्बर को होने वाली धर्मसभा की तैयारियां लगभग पूरी हो गयी है। जगह-जगह जुलूस और रैलियां निकल रही हैं तथा धर्मसभा में करीब ढाई लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। धर्मसभा में आने वाले रामभक्तों के वाहनों के लिए 15 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। विहिप पदाधिकारी ने कहा हिन्दू समाज के धैर्य की परीक्षा न ली जाए। हिन्दू समाज पूज्य संतों, धर्माचार्यों और धर्मसभा के माध्यम से यही संदेश देने वाला है। देश के पूज्य संतों की उपस्थिति में धर्मसभा का आयोजन 25 नवम्बर को हो रहा है। उन्होने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए हिन्दू समाज बेसब्री से न्यायालय के निर्णय का इंतजार कर रहा था लेकिन न्यायालय का इस मामले में टालमटोल करने के कारण अब हिन्दू आहत है तथा अपने को अपमानित महसूस कर रहा है। इस कारण समाज में आक्रोश है।
उन्होंने कहा कि न्याय की आशा में वर्ष 1950 से 1985 (36 वर्षो) तक भगवान रामलला ताले में रहे। वर्ष 1992 से 2010 तक उच्च न्यायालय के कारण टेंट मे रहे और वर्ष 2010 में निर्णय होने के बाद भी आठ वर्षो तक वह टेंट में ही हैं। न्याय की प्रतीक्षा में हिन्दू समाज बेसब्री से इंतजार कर रहा था कि उच्चतम न्यायालय रामलला मंदिर पर निर्णय करेंगे, लेकिन न्यायालय में दो मिनट में ही दो महीने के लिए मामले को बिना बेंच बनाये टालने के कारण हिन्दू समाज आहत है और अपमानित महसूस कर रहा है।भोलेन्द ने कहा कि जब न्याय के रास्ते बंद हो जाते हैं तब हम धर्मसभा के माध्यम से न्याय की गुहार के लिए समाज के बीच जाते हैं। विहिप संत समाज के मार्ग दर्शन में हिन्दू समाज के बीच जा रही है। हिन्दू समाज की भावना को कोर्ट भी समझे, सत्ता के लोग भी समझे और मस्जिद के लिए जिद पर अड़े लोग भी समझे। उधर, विहिप के काशी प्रांत के अध्यक्ष शुभ नारायन सिंह ने शनिवार को यहां बताया कि अयोध्या की धर्मसभा में काशी प्रान्त से 1322 बस, 1546 चार पहिया वाहन तथा सात हजार मोटरसाइकिल से करीब एक लाख कार्यकर्ता शामिल होंगे जो शिव भेष में होंगे।