इज्जत घर को प्रधान – सेक्रेटरी मिलकर कर रहे हैं बेइज्जत

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ब्यूरो रिपोर्ट



अमेठी जिले के संग्रामपुर ब्लॉक के करौंदी ग्राम सभा में इज्जत घर व खड़ंजा के निर्माण की प्रधान, सेक्रेटरी व ए डी ओ पंचायत मिलकर  इज्जत तार तार कर रहे हैं। 3 अगस्त 2018 को ग्राम निवासी अशोक श्रीवास्तव ने शिकायत निर्माण में अनियमितता की शिकायत किया था जिस पर जिला पंचायत राज अधिकारी बनवारी सिंह ने उक्त ग्राम सभा का स्थलीय निरीक्षण कर शिकायत को प्रथम दृष्टया सही पाते हुए ग्राम सभा के प्रथम खाता के संचालन पर रोक लगा दी थी और सहायक विकास अधिकारी पंचायत भगौती प्रसाद पांडेय को जांच अधिकारी बनाकर खड़ंजा व शौचालय निर्माण में अनियमितता की जांच कराई और उनकी जांच में भी शिकायत सही पायी गई फिर भी अभी सिर्फ प्रथम खाता बन्द करने के बाद कोई  कार्यवाही नहीं कि गयी।

इतना ही नहीं, ग्राम पंचायत निधि से करौंदी गांव में बनवाई गई इंटरलॉकिंग सड़क घटिया निर्माण सामग्री व लापरवाह प्रधान व सेक्रेटरी की मिली भगत के कारण मौसम की पहली बरसात में ही लगभग 15 मीटर बह गई जो अनियमितता व भ्रष्टाचार की पोल खोलने के लिए अपने आप में ही काफी है।

शौचालय का निर्माण ग्राम प्रधान व पंचायत सेक्रेटरी अपने आदमियों से करा रहा है। किसी भी लाभार्थी के खाते में अनुदान के 12 हजार की राशि को नही भेजा गया। दबंगई के बल पर अपने आदमियों से शौचालय का निर्माण अनियमितता पूर्ण कराया जा रहा है। ग्राम सभा में आधे अधूरे शौचालय का निर्माण  प्रधान ने सेक्रेटरी/सहायक विकास अधिकारी पंचायत संग्रामपुर की शह पर मानक के विपरीत कराया। करौंदी गांव में बने शौचालय की छत आज तक नही पड़ सकी और न ही शौचालय के गड्ढे के ऊपर ढक्कन ही लगा। शौचालय निष्प्रयोज्य साबित हो रहा है।  मोदी सरकार का दावा ” हर घर हो शौचालय अपना” के नारे को तार तार किया जा रहा है। करौंदी ग्राम सभा को ओ डी एफ गाँव अधिकारियों की मिलीभगत से घोषित करने की तैयारी हो रही हैं तो वहीं आज भी महिलाएं, बच्चे ,पुरुष व बुजुर्ग लोटा लेकर खेतों में या झाड़ियों में शौच क्रिया करने जाने के लिए मजबूर है। इसे सुबह शाम कभी भी देखा जा सकता है।

आखिर कैसे पूरी होगी सरकार की मंशा, प्रश्न सोचनीय है। प्रधान, सेक्रेटरी व ए डी ओ पंचायत सरकारी धन का दुरुपयोग कब तक करेंगे।
ग्रामीणों ने दोषियों पर कार्यवाही की मांग की है।