बिना वेतन कार्य करने को मजबूर है विद्युत संविदा कर्मी

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अमेठी से अशोक श्रीवास्तव की रिपोर्ट

अमेठी – केंद्र एवं प्रदेश सरकार ने सरकारी दफ्तर में संविदा कर्मियों की भर्ती किया है लेकिन इनकी तैनाती आउटसोर्सिंग के जरिए ही है। संविदा कर्मी के रूप में इनसे सरकारी कार्यों का क्रियांवयन करवाया जाता है जहां कार्य की प्रगति धीमी होने पर प्रशासनिक अधिकारी समीक्षा बैठक में अथवा कार्यस्थल पर साफ-साफ कह देते हैं कि संविदा कर्मी ठेकेदारी प्रथा से हैं काम नहीं करेंगे तो सेवा प्रदाता संस्था को वापस भेज देंगे। कार्यों की शिथिलता पर इतनी कड़ाई तो है लेकिन पारिश्रमिक के रूप में मानदेय व यात्रा भत्ता न मिलने से संविदा कर्मियों को परिवार पालना काफी मुश्किल हो रहा है ।

इनके पूरे भुगतान को विभागीय अधिकारी सेवा प्रदाता संस्था को सीधे भेजते हैं और सेवा प्रदाता संस्था संविदा कर्मी को मानदेय का 50 फ़ीसदी भुगतान कर रही हैं । इस बात की जब शिकायत अधिकारियों से की जाती है तो अधिकारी सेवा प्रदाता संस्था के ऊपर बात डाल कर टाल देते हैं और समस्या के निस्तारण हेतु कोई कठोर कार्यवाही नहीं हो पाती है। सेवा प्रदाता संस्थाओं ने कृषि विभाग, विद्युत विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग में डाटा ऑपरेटर, लाइनमैन, तकनीकी सहायक, ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक व सलाहकार के पदों पर तैनाती की है लेकिन भुगतान देने में संस्था एवं अधिकारी मिलकर संविदा कर्मियों के श्रम की बूंदों को खून के बूंदों के रूप में तब्दील करे शोषण कर रहे हैं ।

इस मामले पर जब इस संवाददाता ने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता अमेठी शैल बिहारी से फोन पर जानकारी ली तो उन्होंने कहा सेवा प्रदाता संस्था ओमैक्स इंटरप्राइजेज का नवीनीकरण हो गया है। अवर अभियंता से MB मंगवाया जा रहा हैऔर सभी का भुगतान 10 से 15 दिन में करा दिया जाएगा। श्रमिक कुशल और अकुशल दो श्रेणियों में हैं जिनका जितना भुगतान बनेगा उन्हें पूरा दिया जाएगा।