पढ़ेंगी बेटियां तो बढ़ेंगी बेटियां-: पत्रकार सत्यम मिश्रा

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प्रतापगढ़ :-पढ़ेंगी बेटियां तो बढ़ेंगी बेटियां

‘सत्यम मिश्रा’

जहां पर केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ पर काफी जोर दे रही है वहीं पर अगर सामाजिक भावनाओं के साथ देखा जाए तो आर्थिक रूप से पिछड़े एवं दबे हुए लोग व समाज के दूसरे तबके जो कि मौद्रिक रूप से मजबूत हैं इन लोगों के बेटियों की शिक्षा में काफी असमानता है। आर्थिक रूप से पिछड़े हुए लोगों के बच्चे प्राथमिक विद्यालय में जा रहे हैं और दूसरे तबके के बच्चे कॉन्वेंट स्कूलों में जा रहे हैं जब तक यह अलगाववाद की भावना खत्म नहीं होती तब तक यह नारा सफल होने वाला नहीं है देश में बेटियों की विकास के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं भी चलाई जा रही है। जिसमें बेटियां बढ़ चढ़कर हिस्सा भी ले रही है लेकिन बेटियों की सुरक्षा आज गंभीर मुद्दा है। अगर देखा जाए तो उत्तर प्रदेश में बेटियां अभी भी अपने आप को पूरी तरीके से महफूज नहीं समझ रही है बेटियां घरों से अकेले निकलना नहीं चाहती है इसके लिए शक्तिकरण के साथ साथ लोगों को अपनी वैक्तित्व सोच को भी बदलने की जरूरत है जिससे कि ये निडर निर्भीक हो के सड़कों पे चल सकें आए दिन उनके साथ होती घटनाओं पर पाबंद पाने में सरकार कितना सफल होती है ये तो देखने की बात है एक तरफ जहां पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर काफी जोर दिया जा रहा है वहीं पर बेटियों के साथ आए दिन होने वाले अत्याचार भी जोरों पर है सरकार कितना भी प्रयास क्यों ना कर ले जब तक बेटियों पर होने वाले अत्याचार को खत्म कर पाने में सफल नहीं होती है तब तक यह विचार सफल होने वाला नहीं है आज हमारे विकासशील देश को बेटियों के उत्थान की जरूरत है वहीं पर अगर देखा जाए तो पिछले कुछ सालों में बेटियों ने देश के लिए हर छेत्र में अपना परचम लहराया है ऐसे में बेटियों को शिक्षित होना नितांत आवश्यक है। केन्द्र और राज्य सरकार के देश व्यापी अभियान बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ योजना का मुख्य उद्देश्य लोगों में जागरूकता लाना है, जिससे कि बेटियों पे होने वाला अत्याचार, शोषण व भ्रूण हत्या को खत्म किया जा सके और बेटियां निडर निर्भीक हो के घर से बाहर निकल सकें आज देश को ऐसे ही योजनाओं की जरूरत है।