ठंड की चपेट मे आने से आधा दर्जन से अधिक गायों की मौत, आवारा गायों का कोई नहीं पुरसां हाल.. पढ़ें अनिल पांडेय की रिपोर्ट

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प्रतापगढ़ से अनिल पांडेय की ग्राउंड रिपोर्ट।

प्रतापगढ, उत्तर प्रदेश। कन्धई थानान्तर्गत दिलीपपुर प्रतापगढ रोड स्थित छीटपुर गाँव के पास घुमंतू गायों का जमावड़ा रहता है। इन दिनों दर्जनो गायों की ठंढ की चपेट में आकर मौत हो गई है।

लगातार गायों को सुरक्षित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार अनेक प्रकार की योजनाए लाने का दावा कर रही है लेकिन उसका असर यहां नहीं दिख रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आज सुबह कन्धई थाने के छीटपुर गाँव के पास सड़क किनारे लगभग आधा दर्जन गायों को स्थानीय लोगों ने मृत अवस्था मे देखा। जिससे आसपास भीड़ जमा हो गयी। लोग तरह तरह की बातें करते तो देखे गये लेकिन गाय के शव को दफनाने व पोस्टमार्टम के लिए कोई भी प्रयास किसी ने नहीं किया। इसकी सूचना पुलिस विभाग या पशु विभाग में देने में भी लोगों ने रुचि नहीं लिया।
जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय भाजपा विधायक धीरज ओझा के प्रयास से उन्हें हटाया गया।

सड़क पर घूम रही गायों का क्या ?

रानीगंज थाने के खमपुर दूबेपट्टी में एक गौशाला का निर्माण किया जा रहा है, वहीं जिले में ब्लॉक स्तर पर कई गौशाला का निर्माण चल रहा है। परंतु सड़क पर घूम रही गायों का क्या ? घुमन्तु जानवरों के लिए न तो कोई खाने की व्यवस्था न रहने की। सभी गायें भूख से वहीं मर रही हैं, जिनको देखने वाला कोई नहीं है। यह गायें सैकड़ों की संख्या में हैं। सबसे अधिक समस्या तो जहां गाय को छोड़ा गया है उन क्षेत्रों के किसानों की है। जहां पर ये फसल को भारी नुकसान कर रहे हैं। गांव वाले इन जानवरों से काफी परेशान हैं। उनकी फसल पूरी तरह से चाट कर जा रहे हैं।

आवारा गायों के रात्रि में सड़क पर बैठे होने की वजह से कई बार गाड़ियों के चपेट में आ जा रही हैं। छोटी गाड़ियां इनकी चपेट में आने से कई व्यक्ति की मृत्यु भी हो चुकी है। कई गायों की भी मौत हुई जिन्हें स्थानीय लोग अपने स्तर से उठा कर नदी में प्रवाहित किये हैं।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस समस्या का निदान एवं इस पर क्या करवाई करता है।

रिपोर्ट: अनिल पाण्डेय, प्रतापगढ़।